आजाद सिपाही संवाददाता
जमशेदपुर। बीते 9 दिनों से गायब जमशेदपुर के उलीडीह थाना अंतर्गत शंकोसाई रोड नंबर तीन निवासी न्यूवोको कंपनी ठेकेदार सुनील पांडेय को जमशेदपुर पुलिस अब तक ट्रेस नहीं कर पायी है। बीते 12 दिसंबर को सुनील पांडेय का अपहरण कर लिया गया था। सुनील की कार टाटानगर स्टेशन पार्किंग पर लावारिस हालत में मिली थी। बता दे कि 12 दिसंबर को सुनील अपने घर से काम के सिलसिले में निकले थे फिर वापस नहीं आए। जिसके बाद दूसरे दिन अपहरणकर्ताओं ने सुनील के नंबर से फोन कर उनके परिजनों से 10 लाख रुपए फिरौती की मांग की थी। मामले को लेकर अपहरित की बेटी ने उलीडीह ओपी मानगो में प्राथमिकि दर्ज करायी है। वहीं घटना के बाद से ही पुलिस कह रही थी कि लोकेशन मिला है और वे काफी करीब पहुंच गये हैं। शीघ्र बरामदगी और गिरफ्तारी होगी, लेकिन नतिजा कुछ नहीं निकला है। वहीं अब सुनील पांडेय की बेटी पुलिस से जानना चाह रही है कि उसके पापा को खोजने में और कितने दिन पुलिस लगायेगी। अपहरण की घटना के बाद से ही परिवार के लोगों की परेशानी बढ़ गयी है। उनका कहना है कि पुलिस क्यों मामले में बार-बार यह कह रही है कि लोकेशन मिल गया है। बरामदगी भी होगी। आखिर जब सबकुछ हो गया है तब सुनील पांडेय की बरामदगी क्यों नहीं हो रही है। आखिर पुलिस जांच में कहां तक पहुंची है। घटना के संबंध में सुनील पांडेय की बेटी ज्योति पांडेय ने बताया कि पापा 12 दिसंबर को यह कहकर घर से निकले थे कि वे टेल्को के जोजोबेड़ा की तरफ काम से जा रहे हैं। 13 दिसंबर को भी वे घर पर नहीं लौटे। इस बीच रात के 8.57 बजे उनकी मोबाइल से ज्योति के दादाजी की मोबाइल पर फोन आया था। अज्ञात व्यक्ति ने पापा को फोन दिया। इस बीच पापा ने कहा कि पांच लाख रुपये इंतजाम करके दे दो नहीं तो ये लोग मुझे मार देंगे। इसके बाद फिर उसी रात 8.59 बजे फोन आया और कहा कि पांच लाख रुपये पहले हमसे लिया था। कल यानी 14 दिसंबर की दोपहर 12 बजे तक 10 लाख रुपये मिल जानी चाहिये नहीं तो सुनील पांडेय को मार देंगे। फोन करने वाले आरोपियों ने यह नहीं बताया कि रुपये कहां पहुंचाना है। उसके बाद से लेकर अबतक ज्योति के दादाजी की मोबाइल पर किसी तरह का फोन नहीं आया है। घटना के बाद से ही परिवार के लोग काफी परेशान हैं।

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