बोकारो। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शनिवार को मोर्चा के सदस्यों ने झारखंड आंदोलनकारीयों के पहचान और अधिकार से संबंधित अपने पांच सूत्री मांग को लेकर जैनामोड एनएच-23 फोरलेन चौक को जाम कर दिया।
इस दौरान सड़क जाम कर रहे आंदोलनकारीयो ने बताया कि पूर्व में ही झारखंड सरकार को झारखंड आंदोलनकारी के मान सम्मान व पहचान देने, आंदोलनकारीयों को सम्मान राशि 50 हजार रुपया प्रति माह देने, आंदोलनकारी के आश्रितों को सीधी नियुक्ति देने, राज्य में समता जजमेंट लागू करने व मूलवासीयो व आदिवासियों को 75 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधित मांगों को लेकर एक मांग पत्र दिया गया था, जिस पर किसी प्रकार की कारवाई नहीं होने पर 16 और 17 दिसंबर को दो दिवसीय चक्का जाम आंदोलन निर्धारित था। निर्धारित कार्यक्रम के तहत जैनामोड़ फोरलेन चौक को जाम किया गया है।
सड़क जाम की स्थिति पर बेरमो एसडीएम, जरीडीह सीओ प्रणव ऋतुराज, जरीडीह प्रखंड विकास पदाधिकारी जयपाल महतो, जरीडीह इंस्पेक्टर व थाना प्रभारी जरीडीह अमीत राय दलबल के साथ सड़क जाम स्थल पर पहुंचे। उपस्थित पदाधिकारीयों ने सड़क जाम कर रहे आंदोलनकारी को समझने का प्रयास किया। किंतु आंदोलनकारी ने पदाधिकारी की एक बात तक न सुनी।
अंचल अधिकारी जरीड़ीह प्रणव ऋतुराज ने बताया कि सड़क जाम करना कहीं से उचित नहीं है। पदाधिकारी से रिपोर्ट मंगवाई गई है। आगे विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान सुबह लगभग 9 बजे से दिन के 1 बजे तक 4 घंटे फोरलेन चौक में पूरी तरह आवागमन बाधित रहा। सड़क के दोनों किनारे गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारे लगी रही। आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस व प्रशासनिक पदाधिकारी मुक दर्शक बने रहे। दोपहर एक बजे आंदोलनकारीयों ने स्वतः सड़क जाम छोड़ दिया, इसके बाद आवागमन सुचारू रूप से शुरू हो पाया।