-एनसीसी के कैडेट्स ने लोगों को बेंचा झंडे का स्टीकर वा बैज
धमतरी। सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर सात दिसंबर को एनसीसी कैडेट्स धमतरी शहर के अलग-अलग स्थान पर घूमकर सेना के लिए धनराशि एकत्रित करते हुए दिखे। रत्नाबांधा चौक से म्युनिसिपल स्कूल तक राष्ट्रीय राजमार्ग 30 किनारे इनका अभियान चला। एनसीसी कैडेट ने लोगों के बीच पहुंचकर सेना के बलिदान और गौरव के बारे में बताया। इसके बाद कई लोगों ने दान पेटी में सेना दिवस का झंडा व बैच खरीदकर राशि दान पेटी में डाली।
शहर के नागरिक डीके सोनवानी ने कहा कि हमारे देश की सुरक्षा में जवानों के योगदान को बुलाया नहीं जा सकता। उनके समर्पण और बलिदान के कारण ही हमारा देश आज सुरक्षित है। सेना के बलिदान को स्मरण करने व उनके सहयोग के लिए दी जा रही यह राशि काफी कम है। मालूम हो कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस या झंडा दिवस भारतीय सशस्त्र बलों के कर्मियों के कल्याण के लिए भारत की जनता से धन-संग्रह के प्रति समर्पित एक दिन है। यह 1949 से सात दिसम्बर को भारत में प्रतिवर्ष मनाया जाता है।
सशस्त्र सेना झंडा दिवस का बैज सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर हुए धन संग्रह के तीन मुख्य उद्देश्य युद्ध के समय हुई। जनहानि में सहयोग, सेना में कार्यरत कर्मियों और उनके परिवार के कल्याण और सहयोग के लिए और सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवार के कल्याण के लिए है। इस दिवस पर धन-संग्रह सशस्त्र सेना के प्रतीक चिन्ह झंडे को बांटकर किया जाता है। इस झंडे में तीन रंग (लाल, गहरा नीला और हल्का नीला) तीनों सेनाओं को प्रदर्शित करते है। धमतरी में भी एनसीसी के कैडेट्स ने लोगों को झंडा का बैज लगाकर धन एकत्रित किया।