रांची। झारखंड हाई कोर्ट ने देवघर एयरपोर्ट पर रात्रि विमान सेवा शुरू करने को लेकर दायर याचिका पर फैसला सुना दिया है। अदालत ने 19 सितंबर को सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
अदालत ने बुधवार को राज्य सरकार को एक महीने में सभी भवन मालिकों को मुआवजा का भुगतान करने का निर्देश दिया। साथ ही मुआवजे की राशि 25 प्रतिशत बढ़ा दी। इसके बाद हाई कोर्ट ने निशिकांत दुबे की याचिका को निष्पादित कर दिया। इस मामले में अधिवक्ता दिवाकर उपाध्याय ने निशिकांत दुबे का पक्ष रखा।याचिका निष्पादित होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि अगले एक महीने में देवघर में रात्रि विमान सेवा शुरू हो जायेगी।
गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने हाई कोर्ट में अवमानना वाद दाखिल की थी, जिसमें उन्होंने देवघर एयरपोर्ट पर रात्रि विमान सेवा को जल्द शुरू करने की मांग की थी। याचिका में उन्होंने कहा था कि झारखंड हाई कोर्ट ने वर्ष 2013 के एक पीआईएल की सुनवाई के दौरान तत्कालीन अधिकारियों द्वारा दिये गये हलफनामे को देखते हुए याचिका निष्पादित की थी लेकिन हाई कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। कई वर्ष बीत जाने के बाद भी देवघर एयरपोर्ट पर अब तक सुचारु रूप से उड़ानें शुरू नहीं हुईं। याचिका में यह भी कहा गया कि कुछ उड़ान कंपनियां वहां से अपनी सेवा शुरू करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं लेकिन एयरपोर्ट पूरी तरह से फंक्शनल नहीं होने के कारण यहां से रात्रि विमान सेवा शुरू नहीं की जा रही है।