रवि कुमार गुप्ता, बरवाडीह (आजाद सिपाही)। बरवाडीह प्रखंड की छेचा पंचायत के रहमत नगर पठान टोला में रविवार अहले सुबह शौच करने घर से बाहर निकले वृद्ध मुश्ताक खान, उम्र 60वर्ष की मौत आदमखोर तेंदुए के हमले से हो गयी। घटना के बाद वन विभाग के प्रति ग्रामीणों में व्यापक आक्रोश है। बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर दूर छेंचा पंचायत के रहमत नगर पठान टोला निवासी मुश्ताक खान रविवार सुबह करीब चार बजे अपने घर के बाहर शौच करने निकले थे। इसी बीच आदमखोर तेंदुआ ने उन पर हमला कर दिया। इसके बाद मुश्ताक खान द्वारा शोर मचाये जाने के बाद उनके परिजन और आसपास के लोग वहां तत्काल पहुंचे, लेकिन आदमखोर तेंदुआ अंधेरे का लाभ उठा कर वहां से भाग निकला। मृतक के मुंह पर हमला कर तेंदुए ने गर्दन दबाते हुए जीभ नोच ली। मुश्ताक द्वारा मचाये गये शोर के बाद परिजन और आसपास के लोग वहां जुटे। उन्हें लगा कि अभी उनकी सांस चल रही है। उन लोगों ने उन्हें घर ले जाने की कोशिश की। लेकिन इसी बीच यह कन्फर्म हो गया कि मुश्ताक खान की मौत हो गयी है। इधर घटना की खबर सुन विधायक रामचंद्र सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश सहाय, पूर्वी जिला परिषद सदस्य कन्हाई सिंह, यूथ स्टेट को आॅर्डिनेटर विजय बहादुर सिंह, समाजसेवी अनिल कुमार सिंह, राजद प्रखंड अध्यक्ष अली हसन अंसारी, सांसद प्रतिनिधि कन्हाई प्रसाद, विधायक प्रतिनिधि प्रेम कुमार सिंह उर्फ पिंटू, थाना प्रभारी श्रीनिवास कुमार सिंह पुलिस बल के साथ तत्काल घटनास्थल पहुंचे।
घटना के बाद ग्रामीणों के बीच वन विभाग के प्रति व्यापक आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का कहना था कि आदमखोर तेंदुआ द्वारा क्षेत्र में लगातार उत्पात मचाया जा रहा है, लेकिन वन विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। इससे पूर्व प्रखंड में आदमखोर तेंदुआ ने उकामाड ग्राम में एक पखवारा पूर्व एक 12 वर्षीय बच्ची को हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। वन विभाग के लोगों का गुस्सा इसलिए भी भड़क उठा कि घटना की सूचना पाकर विधायक, पुलिस प्रशासन के अधिकारी और क्षेत्र के समाजसेवी, राजनीतिक दलों के नेता वहां पहुंच गये, लेकिन वन विभाग के अधिकारी अधिकारी मौके पर नदारद दिखे। ग्रामीणों ने जम कर वन विभाग के प्रति विरोध प्रदशर्ति किया और शोर शराबा मचाया। विधायक और अधिकारियों के पहुंचने के दो घंटे बाद वनपाल शशांक शेखर पांडे अन्य वन कर्मियो के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीण डीएफओ और अन्य वन अधिकारियों को बुलाने की भी मांग कर रहे थे। ग्रामीण मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और परिजन को नौकरी की मांग को लेकर अड़े हुए थे। लेकिन वन विभाग द्वारा किसी तरह का सकारात्मक जवाब नहीं मिलने के कारण ग्रामीण शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं उठाने दे रहे थे। मौके पर पहुंचे विधायक रामचंद्र सिंह ने वन विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर भुक्तभोगी परिजनों को चार लाख रुपये का मुआवजा और एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणें ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया।
आदमखोर तेंदुए के हमले से वृद्ध की मौत, वन विभाग के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश
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