नई दिल्ली: भारत की मेजबानी में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है। ब्रिक्स देशों ने नई दिल्ली घोषणापत्र में आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा करते हुए जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर दिया। 45 पन्नों के इस घोषणापत्र में 140 बिंदु हैं, जिनमें आतंकवाद, सीमा पार आतंकवाद, आतंकियों को सुरक्षित ठिकाना, आतंकवाद की फंडिंग और संगठित अपराध के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की प्रतिबद्धता जताई गई है।

पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा

नई दिल्ली घोषणापत्र में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई। घोषणापत्र के मुताबिक, इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे।

ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों और उसके विभिन्न तरीकों से निपटने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इसमें आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही, आतंकवाद को आर्थिक मदद और आतंकियों को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस

घोषणापत्र में आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया है। ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद से निपटने में दोहरे मानदंडों को खारिज करने की बात कही और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में राज्यों की प्राथमिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।

साथ ही संयुक्त राष्ट्र की सूची में शामिल आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई का आह्वान किया गया।

आतंकवाद को किसी धर्म या समुदाय से न जोड़ने पर जोर

ब्रिक्स देशों ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को किसी भी तरह के भेदभाव से अलग रखने की बात कही गई।

युवाओं को कट्टरपंथ और चरमपंथ की ओर जाने से रोकने के लिए सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

फंडिंग और संगठित अपराध पर भी सख्ती

घोषणापत्र में आतंकवाद की आर्थिक मदद रोकने के साथ-साथ मानव तस्करी, हथियारों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, साइबर अपराध, भ्रष्टाचार और डिजिटल धोखाधड़ी के खिलाफ सहयोग मजबूत करने की बात कही गई।

ब्रिक्स देशों ने संगठित ऑनलाइन ठगी नेटवर्क को खत्म करने, अपराध से अर्जित धन की पहचान और उसकी वसूली के साथ पीड़ितों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने पर सहमति जताई।

भारत के लिए अहम कूटनीतिक उपलब्धि

भारत की अध्यक्षता में जारी यह घोषणापत्र आतंकवाद के खिलाफ नई दिल्ली के लंबे समय से चले आ रहे रुख को मजबूती देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह का दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए।

नई दिल्ली घोषणापत्र के जरिए ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई, आतंकियों की फंडिंग रोकने और सीमा पार आतंकवाद से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने का संदेश दिया है।

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