नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार और झारखंड के कई इलाकों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। झारखंड के साहिबगंज में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। दियारा क्षेत्रों में कटाव और जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रहा है।

गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर

  • गुरुवार सुबह 6 बजे साहिबगंज में गंगा का जलस्तर 27.85 मीटर दर्ज किया गया।
  • खतरे का निशान 27.25 मीटर है, यानी नदी करीब 58 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
  • गंगा के जलस्तर में फिलहाल बढ़ोतरी की रफ्तार कुछ कम हुई है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
  • नेपाल से आने वाला अतिरिक्त पानी बिहार की ओर बढ़ रहा है, जिसका असर आगे चलकर साहिबगंज में भी पड़ सकता है।

दियारा इलाकों में बढ़ा खतरा

सदर प्रखंड के कारगिल दियारा क्षेत्र में गंगा का कटाव तेज हो गया है। स्थानीय स्तर पर कई घर नदी में समा चुके हैं और दियारा क्षेत्र में पानी फैलने लगा है। खतरे को देखते हुए कुछ परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं।

गंडक और कोसी नदियों में बढ़ते जलस्तर का असर गंगा पर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा साहिबगंज से सटे पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में भी संभावित प्रभाव को लेकर प्रशासन सतर्क है।

लोगों के लिए बनाए गए राहत केंद्र

संभावित बाढ़ और कटाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित लोगों और उनके मवेशियों के लिए सुरक्षित ठहरने की व्यवस्था की है। राहत केंद्रों पर भोजन, पेयजल और दवाओं जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।

प्रशासन की टीम लगातार दियारा क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा ले रही है।

माइकिंग कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील

जिला प्रशासन की ओर से दियारा क्षेत्रों में माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी के बढ़ते जलस्तर और कटाव को देखते हुए समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

सदर एसडीओ अमर जान आइंद ने बताया कि प्रशासन लगातार लोगों को जागरूक कर रहा है और प्रभावित लोगों के ठहरने के लिए केंद्र बनाए गए हैं।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और संभावित बाढ़ की स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम करना है। नदी के जलस्तर और नेपाल-बिहार से आने वाले पानी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

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