जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम)। एमजीएम थाना क्षेत्र के गोकुल नगर में पुलिस हिरासत में हुई एक युवक की मौत ने तूल पकड़ लिया है। सांसद बिद्युत बरण महतो ने इसे सीधे तौर पर पुलिस प्रताड़ना से हुई हत्या करार दिया है। मृतक जीत महतो के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने एक मामूली मोबाइल चोरी के संदेह में उसे हिरासत में लिया और बर्बरतापूर्वक मारपीट की, जिससे उसकी जान चली गई।
मामला दबाने के लिए ₹2 लाख की पेशकश! सांसद बिद्युत बरण महतो शुक्रवार देर रात मृतक के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। पीड़ित परिवार ने सांसद को बताया कि थाना प्रभारी ने इस मामले को रफा-दफा करने के लिए दो लाख रुपये दिए थे। सांसद ने सवाल उठाया कि एक निर्दोष की जान की कीमत क्या ₹2 लाख है? उन्होंने पोस्टमार्टम की जल्दबाजी और आनन-फानन में किए गए अंतिम संस्कार को भी संदेह के घेरे में बताया।
उच्चस्तरीय जांच और मुआवजे की मांग सांसद ने झारखंड के डीजीपी से मांग की है कि संबंधित थाना प्रभारी और दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए। उन्होंने राज्य सरकार से मृतक के नवजात शिशु और परिवार के भरण-पोषण के लिए उचित मुआवजे की मांग की है। सांसद ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान भारी संख्या में स्थानीय नेता और ग्रामीण मौजूद रहे।

