झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में राज्यसभा सदस्य शिबू सोरेन परिवार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। दिल्ली हाइकोर्ट की डबल बेंच ने शिबू सोरेन की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने एकल बेंच के उस आदेश को चुनौती थी, जिसमें उसने शिबू सोरेन परिवार की आय से अधिक संपत्ति की सीबीआइ जांच करने की अनुमति दी थी। सांसद निशिकांत दुबे ने शिकायत में लोकपाल से रांची, धनबाद, दुमका और अन्य स्थानों पर 57 संपत्तियों की जांच करने का आग्रह किया गया था।

इस जांच के दायरे में पूरा सोरेन परिवार शामिल है। इसमें शिबू सोरेन, उनकी पत्नी रूपी सोरेन, जामा विधायक सीता सोरेन, हेमंत सोरेन पत्नी के साथ-साथ छोटे बेटे बसंत सोरेन और उनकी पत्नी भी शामिल हैं।

हेमंत सोरेन जेल में हैं। उनकी गैरमौजूदगी में बसंत सोरेन राजनीतिक विरासत संभाल रहे हैं।
कैसे मुसीबत में फंसा है सोरेन परिवार

झारखंड जमीन घोटाला मामले में इडी ने पूछताछ के बाद हेमंत सोरेन को बिरसा मुंडा कारागार भेज दिया। अब पिता शिबू सोरेन पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज है। इस जांच की आंच में पूरा सोरेन परिवार है।

दिल्ली हाइकोर्ट की डबल बेंच ने सीबीआई जांच से रोक की याचिका को खारिज कर यह संकेत दे दिये हैं कि अब सोरेन परिवार पर आय से अधिक संपत्ति की जांच होगी।

क्या है मामला

सोरेन परिवार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला चल रहा है। यह पूरा मामला 5 अगस्त, 2020 को शुरू हुआ, जब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने शिकायत दर्ज की। शिबू सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों पर आरोप लगा कि बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया। आरोप झारखंड राज्य में सरकारी खजाने का दुरुपयोग का भी है। साथ ही आय के ज्ञात और घोषित स्रोतों और उनके नाम पर कई वाणिज्यिक और आवासीय संपत्तियां के अनुपात में बड़ी संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। लोकपाल की पूर्ण पीठ ने 15 सितंबर, 2020 को मामले की प्रारंभिक जांच करने का निर्देश दिया।

अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) पिनाकी चंद्र घोष की अध्यक्षता वाले छह सदस्यीय लोकपाल ने अपने 2020 के आदेश में कहा, मामले के तथ्यों पर गौर करने पर हम निदेशक सीबीआइ को मामले का रिकॉर्ड रखने का निर्देश दे सकते हैं।

लोकपाल ने सीबीआइ को जांच करने और जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। इस फैसले के खिलाफ शिबू सोरेन ने दिल्ली हाइकोर्ट का रुख किया। शिबू सोरेन ने उनके खिलाफ शुरू की गयी लोकपाल की कार्यवाही को रद्द करने की मांग की। एकल बेंच के बाद डबल बेंच ने भी शिबू सोरेन की इस याचिका को निरस्त कर दिया। अब सीबीआइ इस मामले की जांच शुरू करेगी।

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