रांची। अड़की प्रखंड खूंटी में बीडीओ रही मेरी मड़की पर विभागीय कार्यवाही चलाने का फैसला लिया गया है। झारखंड प्रशासनिक सेवा के इस अधिकारी पर मनरेगा योजना अंतर्गत मिट्टी मोरम पथ निर्माण योजना में अनियमितता बरतने, बिना काम किए राशि भुगतान कर वित्तीय अनियमितता करने, फर्जी मस्टर रोल कराने, अभिलेखों को सही तरीके से संधारित नहीं करने एवं योजनाओं के पर्यवेक्षण नहीं करने आदि से संबंधित कई गंभीर आरोप थे। ग्रामीण विकास विभाग ने इन पर  26 जुलाई 2016 को ही आरोप पत्र तैयार कर कार्रवाई की अनुशंसा की।

पूरे मामले पर उनसे स्पष्टीकरण कर मामले की समीक्षा कर मेरी मड़की के विरुद्ध संचयात्मक प्रभाव से तीन वेतन वृद्धि र रोक का दंड दिया गया था। विभाग के इस आदेश पर मेड़ी मड़की हाइकोर्ट गयी जहां से दंडात्मक आदेश को निरस्त किया गया और फ्रेश विभागीय कार्यवाही चलाने का आदेश दिया गया है। ऐसे में कोर्ट के आदेश के आलोक में मेरी मड़की पर नये सिरे से विभागीय कार्यवाही करने का फैसला लिया गया है। पूरे मामले की जांच के लिए विभागीय जांच पदाधिकारी सेवानिवृत्त आइएएस गणेश कुमार को नामित किया गया है। उक्त अधिकारी से 15 दिनों में लिखित बचाव बयान समर्पित करने को कहा गया है।

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