गिरिडीह। 12 फरवरी को विभिन्न कर्मचारी एवं श्रमिक संगठनों के आह्वान पर हुई देशव्यापी हड़ताल का असर गिरिडीह जिले में भी साफ देखा गया। जिले की अधिकांश बैंक शाखाएं हड़ताल के समर्थन में बंद रहीं, जिससे आम ग्राहकों को दिनभर बैंकिंग सेवाओं के लिए परेशान होना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में देशभर के करीब 25 करोड़ मजदूर, किसान और बैंक कर्मचारी शामिल हुए। गिरिडीह में स्थित सरकारी एवं निजी क्षेत्र के अधिकांश बैंकों के ताले सुबह से ही लटके रहे। नगद लेन-देन, चेक क्लियरिंग, पासबुक अपडेट जैसे सभी कार्य ठप रहे। हालांकि कुछ स्थानों पर एटीएम सेवाएं चालू रहीं, लेकिन अधिकतर शाखाओं में सन्नाटा पसरा रहा।
हड़ताली कर्मचारियों ने मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को वापस लेने, युवाओं को स्थायी रोजगार, ठेका प्रथा पर रोक, एनपीएस हटाकर पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने समेत कई मांगें रखीं। वहीं बैंक एवं बीमा क्षेत्र में निजीकरण रोकने और आईडीबीआई बैंक बेचने के फैसले को वापस लेने की भी मांग उठाई गई।
इस दौरान अन्य सरकारी और निजी कार्यालय सामान्य रूप से खुले रहे। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। हड़ताल शांतिपूर्ण रही, लेकिन आम जनता को बैंकिंग सुविधाओं के अभाव में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।



