रांची। राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाकर हटाये गये पूर्व आइपीएस अनुराग गुप्ता पर विधायक अंबा प्रसाद ने कहा है कि अनुराग गुप्ता को राज्यसभा चुनाव में सिर्फ इस्तेमाल किया गया था। रांची में रविवार को कांग्रेस भवन में प्रेस कांफ्रेंस में विधायक अंबा प्रसाद ने पूर्व आइपीएस अनुराग गुप्ता के सस्पेंड किये जाने पर कहा कि राज्यसभा चुनाव में अनुराग गुप्ता को सिर्फ इस्तेमाल किया गया। उन्हें मोहरा बनाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक पुलिस अधिकारी की जांच दूसरा पुलिस अधिकारी कैसे कर सकता है। बड़कागांव की विधायक और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की पुत्री अंबा प्रसाद ने कहा है कि सत्ता का दुरुपयोग कर मेरे भाई और मेरे परिवार को झूठे केस में फंसाया गया है। कहा कि सत्ता के पावर का दुरुपयोग कर अधिकारियों को आगे किया गया। मेरे परिवार को टारगेट किया गया। मेरी मां निर्मला देवी को भाजपा ने अपने पक्ष में वोट करने के लिए दबाव दिया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में सिर्फ अनुराग गुप्ता दोषी नहीं हैं। इसमें मुख्य रूप से पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, महेश पोद्दार हैं। कहा कि मेरे पास सारे सबूत हैं। उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
कहा कि इस मामले में मुझे पुलिसिया जांच पर भरोसा नहीं है। इस कारण इसकी जांच एसआइटी या फिर एनआइए से करायी जाये। तमाम सबूत हैं, लेकिन वह पुलिस को सुपूर्द नहीं करना चाहती हैं। कारण पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। इस कारण सबूत को कोर्ट मांगे, तो देने को तैयार हैं। कहा कि जांच की दिशा भटकाने के लिए तरह-तरह की हथकंडे अब भी अपनाये जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने दो व्यक्ति अनुराग गुप्ता और अजय कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। वहीं इस मामले में कुछ अज्ञात भी थे। इसी अज्ञात में रघुवर दास, महेश पोद्दार और मुख्तार अब्बास नकवी का नाम सामने आ रहा है। इस कारण इसकी निष्पक्षता से जांच करायी जाये, दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा।

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