रांची। झामुमो के बोरिया से विधायक लोबिन हेंब्रम को और सुरक्षा की दरकार है। फिलहाल उनकी सुरक्षा में दो सशस्त्र गार्ड तैनात हैं, लेकिन इसे वे पर्याप्त नहीं मान रहे हैं। उन्होंने जान के खतरे का अंदेशा बताते हुए पुलिस मुख्यालय से इस बाबत गुहार लगाई है। उल्लेखनीय है कि लोबिन हेंब्रम झामुमो नेतृत्व के खिलाफ मुखर रहे हैं। वे लगातार नीतिगत विषयों पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बोलते हैं।
विधानसभा के बजट सत्र में भी वे लगातार सरकार के खिलाफ बोलते रहे। जब भाजपा के सदस्य नियोजन नीति के सवाल पर आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करते थे तो लोबिन हेंब्रम भी अपनी सीट पर खड़े होकर सवाल उठाते थे।

लोबिन हेंब्रम ने कहा कि उनके दो विधायकों को पर्व में तैनाती की बात कह पिछले वर्ष बुलाया गया। बताया गया था कि उन्हें वापस कर दिया जाएगा, लेकिन गार्डों को वापस नहीं लौटाया गया। उन्हें पूर्व में जान से मारने की धमकी मिली थी। वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें आवास पर तैनात रहने के लिए सशस्त्र गार्ड की आवश्यकता है। लोबिन का कहना है कि वे नीतिगत सवालों को सरकार के समक्ष उठाते रहेंगे। उनको इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन क्या कहता है। बकौल लोबिन जिन विषयों को लेकर झारखंड का गठन हुआ था, उसका समाधान आवश्यक है। स्थानीयों के हित की बात वे हमेशा उठाते रहेंगे।विरोधी दलों से संपर्क की बातों को भी नकारते रहे हैं। उनके मुताबिक, राजनीतिक विरोधी ऐसी बातें उठाते हैं। वे संगठन के साथ मजबूती से खड़े हैं।

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