बरवाडीह: लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड में घरेलू गैस की किल्लत ने विकराल रूप ले लिया है। सिंह एचपी गैस एजेंसी की कथित लापरवाही और अनियमितताओं के कारण आम उपभोक्ताओं को दर-दर भटकना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि जिला प्रशासन और एचपी गैस के वरीय अधिकारियों को बीच-बचाव करना पड़ा। अंततः चैनपुर स्थित वैष्णवी एचपी गैस एजेंसी से आपातकालीन स्थिति में 100 सिलेंडर मंगाए गए, तब जाकर स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में आई।
कागजों पर ‘होम डिलीवरी’, हकीकत में खाली हाथ उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सिंह एचपी गैस द्वारा डिजिटल रूप से 15 दिन पहले ही गैस की डिलीवरी दिखा दी गई है, लेकिन वास्तव में उनके घर तक सिलेंडर नहीं पहुँचा। इस ‘वर्चुअल डिलीवरी’ के कारण लोग अपनी सब्सिडी और रीफिलिंग को लेकर भी चिंतित हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी के चक्कर काट-काट कर वे थक चुके हैं, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।
प्रशासनिक निगरानी में हुआ वितरण मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) सुमित कुमार तिवारी और एचपी गैस के सेल्स ऑफिसर ने विशेष पहल की। चैनपुर से मंगाए गए 100 सिलेंडरों को एफसीआई (FCI) गोदाम के पास आपूर्ति पदाधिकारी की सीधी निगरानी में वितरित किया गया। गैस मिलते ही उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली, हालांकि मांग के मुकाबले यह आपूर्ति अब भी कम बताई जा रही है।
कार्रवाई की मांग ज्ञात हो कि कुछ दिन पहले भी इसी एजेंसी के खिलाफ उपभोक्ताओं ने कार्यालय में जमकर हंगामा किया था। बार-बार उत्पन्न हो रहे इस संकट ने विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि आवश्यक सेवाओं में लापरवाही बरतने वाली सिंह एचपी गैस एजेंसी के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में गैस वितरण व्यवस्था सुचारू रह सके। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या विभाग इस संचालक पर कोई ठोस एक्शन लेता है या जनता को फिर से कतारों में खड़ा होना पड़ेगा।



