रांची: झारखंड को मेडिकल हब बनाने की दिशा में रघुवर सरकार जुटी है। साथ ही रिम्स में अत्याधुनिक सुविधाएं बहाल कर राष्टÑीय फलक पर छा जाने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाया है। इसकी बानगी 17 मई को देखने को मिली। रिम्स आॅडिटोरियम में राज्य के मुखिया रघुवर दास ने स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए सुविधाओं की खुराक दी। साथ ही आने वाले दिनों में स्वस्थ झारखंड के सपने का ताना-बाना बुना। बताया कि कैसे झारखंड को स्वस्थ बनायेंगे। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि झारखंड को मेडिकल हब बनाना है। इस दिशा में सरकार काम कर रही है। साथ ही जुलाई के बाद हर माह 50 एंबुलेंस दी जायेगी। राज्य के किसी भी कोने में दुर्घटना होने पर 108 डायल करें, मात्र 15 मिनट में एंबुलेंस पहुंचेगी। इससे घायल का गोल्डेन आवर में इलाज शुरू कर उसे बचाया जा सकेगा।

भ्रूण हत्या हुई, तो सिविल सर्जन पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्ट्रासाउंड के जरिये जांच कर भ्रूण हत्या पर सरकार गंभीर है। अगर ऐसा हुआ तो संबंधित सिविल सर्जन पर कार्रवाई की जायेगी। इस बाबत निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी को दिया गया है। कहा कि भ्रूण हत्या कलंक है। अमीर बनने के चक्कर में इस तरह का लोग पाप करते हैं। सीएम ने डॉक्टरों को कहा कि भगवान ने ज्ञान हत्या के लिए नहीं, जान बचाने के लिए दिया है। सीएम ने सिविल सर्जन को संबंधित क्षेत्र में अल्ट्रासाउंड मशीनों का रजिस्ट्रेशन करने को कहा।

पांच करोड़ से बनेगा रिम्स में डोरमेटरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि
रिम्स में हर साल ओड़िशा, छत्तीसगढ़ और बिहार के मरीज आते हैं। मरीजों की सुविधा के लिए रिम्स परिसर में एक डोरमेटरी का निर्माण पांच करोड़ की लागत से जल्द किया जायेगा। यहां पर उन्हें रियायती दर पर भोजन भी मिलेगा। साथ ही मेकेनाइज्ड लॉउंड्री का आरंभ होना स्वच्छता की दिशा में एक बड़ा कदम है। मरीजों को इससे संक्रमणमुक्त बेड सीट, कंबल, तकिया, गाउन, तौलिया इत्यादि उपलब्ध होगा।

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