08 आइएमए (आइएमसी, झारखंड चैप्टर) एवं झासा की राज्य इकाई की महत्वपूर्ण बैठक आइएमए भवन, रांची में संपन्न हुई। इसमें चिकित्सकों ने संबंधित समस्याओं एवं लंबित मांगों पर चर्चा की। इस दौरान कहा गया कि मॉडर्न मेडिसिन, होम्योपैथी, आयुर्वेद सभी की अपनी पहचान है, अपना इतिहास है। मरीज की देखभाल एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से मेडिसिन की सभी पद्धति को मिक्स कर देना भयावह होगा। इसीलिए मिक्सोपैथी के प्रयास को तत्काल प्रभाव से रोका जाना चाहिए।
आइएमए (झारखंड चैप्टर) के प्रेसिडेंट डॉक्टर एके सिंह ने चर्चा करते कहा कि देश के 23 राज्यों में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ के साथ हिंसा और अस्पताल में तोड़फोड़ को रोकने के उद्देश्य से मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू है। झारखंड राज्य में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट 23 मार्च 2023 को ही कैबिनेट से पारित हुआ। विधानसभा के पटल पर रखा गया। विधानसभा में बहस के बाद इसे प्रवर समिति को सौंप दिया गया। इस आशय के साथ कि एक महीने के अंदर समिति की रिपोर्ट सौंप दी जाये। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस पर अभी तक कुछ भी नहीं किया गया।

एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 के प्रावधानों के अनुसार मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को झारखंड में यथाशीघ्र लागू किया जाये। आइएमए के सेक्रेट्री जेनरल डॉ प्रदीप सिंह ने कहा कि 50 बेड तक के छोटे एवं मध्यम स्तर के अस्पताल एवं क्लीनिक को क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एवं रेगुलेशन) एक्ट 2010 से मुक्त किया जाये। निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं की अध्यक्षता एवं आइएमए की सहभागिता में एक टीम बनायी गयी थी। इसने क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का फाइनल प्रारूप तैयार किया और विभाग को सौंपा। फाइल विगत एक वर्ष से विभाग में यथावत पड़ी हुई है।

इसका नियंत्री अधिकारी पूर्व की तरह जिले के सिविल सर्जन को बनाया जाये, ताकि अल्ट्रासाउंड की खरीद- बिक्री, उसका निबंधन, निरीक्षण सही समय पर किया जा सके। सुरक्षा की दृष्टिकोण से उसे अंचल अधिकारी के समक्ष शक्ति मिले। स्थायी विकलांगता या मृत्यु की स्थिति में न्यूनतम 5 करोड़ का स्वास्थ्य बीमा हो। उसे रुरल अलाउंस दिया जाये। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक ही शिक्षक होंगे, यह तय करना होगा। शिक्षक की न्यूनतम योग्यता एमबीबीएस होगी। नॉन एमबीबीएस शिक्षकों की पहचान कर उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाये और रिक्त पदों पर योग्य डॉक्टर को शिक्षक के रूप में बहाल किया जाये। मौके पर आइएमए की ओर से आर दास, डॉ बीपी कश्यप, झासा की और से डॉ विमलेश सिंह, डॉ टीपी साहा, डॉ ठाकुर मृत्युंजय सहित कई अन्य भी उपस्थित थे।

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