रांची: झारखंड में लगातार चढ़ते पारे और भीषण गर्मी (Heatwave) के सितम को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, अब सभी जिलों के डीसी, एसपी, थाना प्रभारियों, सीओ, बीडीओ, पंचायत प्रतिनिधियों और सरकारी कार्यालयों को अपने दफ्तरों के बाहर और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर आम लोगों के लिए ठंडे पेयजल की समुचित व्यवस्था करनी होगी।

प्रशासन को यह भी निर्देश दिया गया है कि पेयजल व्यवस्था के पास स्पष्ट रूप से सूचना बोर्ड (साइनबोर्ड) लगाया जाए, ताकि राहगीरों और जरूरतमंदों को पानी की तलाश में भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों (DCs) को सख्त लहजे में कहा है कि जिन इलाकों में जल संकट की स्थिति है, वहां तुरंत पानी के टैंकर भेजकर जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खराब पड़े चापाकलों की युद्धस्तर पर मरम्मत कराने और अन्य वैकल्पिक जल स्रोतों को दुरुस्त करने के आदेश दिए गए हैं।

“जल संकट पर बर्दाश्त नहीं होगी लापरवाही”

झारखंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि भीषण गर्मी के इस दौर में राज्य के किसी भी गांव, टोले या मोहल्ले में पानी की किल्लत के कारण जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए। सरकार ने इसे प्रशासन और संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी तय किया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करें, ताकि इस चिलचिलाती धूप में आम नागरिकों को हरसंभव राहत पहुंचाई जा सके।

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