दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने देशभर में आतंकी हमलों को अंजाम देने की योजना बनाने के आरोपित और आईएस के संदिग्ध आतंकी राशिद जफर की ओर से तिहाड़ जेल के अंदर पिटाई और जय श्रीराम का नारा लगाने के लिए मजबूर करने के आरोपों पर सुनवाई करते हुए जेल प्रशासन से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। स्पेशल जज प्रवीण सिंह ने जेल प्रशासन को 14 जून तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 14 जून को होगी।
आरोपित राशिद जफर को 2018 में गिरफ्तार किया गया था। जफर के वकील एमएस खान के मुताबिक जफर ने इसका खुलासा अपने पिता से फोन पर भी बातचीत में किया। जफर ने बताया है कि उसे जय श्रीराम बोलने के लिए जबरन दबाव बनाया गया। उसके साथ मारपीट भी की गई। जफर को एनआईए ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और उत्तर प्रदेश पुलिस की एटीएस के सहयोग से दिसंबर 2018 में गिरफ्तार किया था। एनआईए ने दिल्ली के जाफराबाद सीलमपुर और उत्तर प्रदेश के अमरोहा में छह स्थानों पर, लखनऊ, हापुड़ और मेरठ में दो-दो स्थानों पर छापा मारा था।
एनआईए के मुताबिक 2019 के गणतंत्र दिवस के पहले आरोपितों की योजना दिल्ली समेत पूरे देश में आतंकी वारदात को अंजाम देने की थी। 26 दिसंबर, 2018 को एनआईए ने 10 संदिग्धों को उत्तर प्रदेश और दिल्ली से गिरफ्तार किया था। एनआईए ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली के करीब 17 जगहों पर छापे मारे थे। ये सभी संदिग्ध हरकत उल हर्ब-ए-इस्लाम से जुड़े हुए हैं। इन पर आरोप है कि ये भीड़भाड़ वाले इलाकों में विस्फोट करने की फिराक में थे। इनके पास से एनआईए ने एक रॉकेट लॉन्चर, 12 पिस्तौल और 25 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया था।