झारखंड वापसी, रोजगार, कंपनी में पैसा फंसने से संबंधति आ रहे कॉल

प्रशांत झा

हैलो सर, लॉक डाउन खत्म हुआ क्या? रांची पहुंचने पर गृहजिला जाने में सरकार मदद करती है? झारखंड वापस आने पर रोजगार मिलेगा क्या? इस बार भी सरकार ने खाद्य सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था की है क्या? कंपनी हमें बंधुआ मजदूर की तरह काम करा रही है। हमें यहां से निकालें। दो महीने से पैसे भी नहीं मिले हैं। कंपनी से बकाया पैसा दिलवायें। ये राज्य के बाहर काम कर रहे कुछ श्रमिकों की पीड़ा और सवाल हैं। जो श्रम विभाग के कॉल सेंटर में रोजाना सैकड़ों की संख्या में आ रहे हैं। कॉल सेंटर के जरिये मिली सूचना पर सरकार प्रवासियों को मदद पहुंचाने का प्रयास भी कर रही है। उधर, कॉल सेंटर से भी प्रवासियों को पंजीकरण के लिए हर दिन कॉल किया जा रहा है जिससे सरकार को उनके बारे में सटीक जानकारी मिल सके।

150 कॉल औसतन रोजाना आ रहे

श्रम विभाग ने प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए छह लाइन के कॉल सेंटर शुरू कर रखा है। कॉल सेंटर में प्रवासी श्रमिकों का हर दिन औसतन 150 कॉल आ रहे हैं। ये कॉल रोजगार, झारखंड वापसी, खाद्य सामग्री देने, कंपनी में बकाया राशि, कंपनी द्वारा जबरन रोकने आदि से संबंधित होते हैं। इसके अलावा कॉल सेंटर द्वारा हर दिन औसत 350 कॉल किये जाते हैं। श्रमिकों को झारखंड के पोर्टल पर पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। उन्हें पंजीकरण के फायदे के बारे में बताया जाता है। उनके काम, भुगतान, उनकी स्थिति आदि के बारे में जानकारी ली जाती है।

देश के विभिन्न हिस्सों से कॉल

देश के विभिन्न राज्यों से श्रमिक कॉल करते हैं। इनमें सबसे अधिक महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, मध्य प्रदेश आदि से कॉल आते हैं। रोजगार के बारे में पूछने वालों में ज्यादातर टेक्सटाइल, ड्राइवर, कंस्ट्रक्शन के काम, ड्राइवर, सुपरवाइजर, मशीन आॅपरेटर आदि शामिल हैं। साउथ के राज्यों से कंपनियों में जबरन काम कराने और पैसे भुगतान नहीं करने से संबंधित शिकायतें ज्यादा होती हैं। उत्तरप्रदेश, पंजाब, ओड़िसा समेत कुछ अन्य राज्यों में मजदूर के फंसे होने से संबंधित कॉल आते हैं।

फोन पर काउंसिलिंग और मार्गदर्शन किया जाता

कॉल सेंटर में फोन करने वालों की काउंसिलिंग और मार्गदर्शन किया जाता है। उन्हें राज्य सरकार के पास पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। जिन जिलों में मजदूर फंसे हैं या भुगतान की समस्या है, वहां के जिला प्रशासन के साथ मिल कर उनकी समस्या का निदान निकालने का प्रयास किया जाता है। जो श्रमिक बेहाल हैं, राज्य वापस तक लौटने के लिए पैसे नहीं हैं, उनकी वापसी का इंतजाम किया जाता है।

एक अप्रैल से 23 जून तक कॉल की स्थिति

कॉल आये कॉल किये गये

अप्रैल- 462 1257

मई- 1811 7718

जून 2065 12730

कॉल आने वाले टॉप छह राज्य

महाराष्ट्र- 4063

कर्नाटक- 2146

दिल्ली -1461

उत्तर प्रदेश-1313

ओड़िसा-1246

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