रांची। आजसू अध्यक्ष सह पूर्व उप मुख्यमंत्री सुदेश महतो ने कहा कि हर झारखंडी के अरमानों में, खेतों और खलिहानों में, जनमानस की भावनाओं में धरती आबा रचे-बसे हैं। आज संकल्प दोहराने की घड़ी है। धरती आबा के सपने साकार हों, झारखंड का नवनिर्माण हो। यही हमारा संकल्प, हमारी प्रतिबद्धता है। महतो शुक्रवार को बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि सशक्त, शिक्षित एवं संगठित समाज के निर्माण तथा अस्मिता, पहचान और अस्तित्व की लड़ाई के लिए नए उलगुलान का समय आ चुका है। युवा पीढ़ी को आगे आकर इसका नेतृत्व करना होगा। आज अपने ही राज्य में झारखंडियों के लिए परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। बेरोजगारी, अशिक्षा, गरीबी, अपराध तथा पलायन चरम पर है। झारखंड के समग्र विकास के लिए एकाग्र चिंतन की जरूरत है।
दूसरी ओर रांची के कोकर डिस्टलरी पुल स्थित बिरसा मुंडा के समाधि स्थल पर रांची जिला इकाई के पदाधिकारियों ने धरती आबा को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आजसू पार्टी के प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने कहा कि हमें अपनी माटी, भाषा और संस्कृति को बचाने के लिए एकजुट होना होगा। धरती आबा बिरसा मुंडा के विचारों को, उनके साहस, संघर्ष को आत्मसात करना होगा, यही उनके प्रति नेक और अटूट श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने ना केवल राजनीतिक जागृति के बारे में संकल्प लिया, बल्कि वे लोगों में सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक जागृति पैदा करने को भी संकल्पित थे। साम्राज्यवादी शक्तियों के खिलाफ युद्ध के उद्घोष के प्रतीक, शक्ति और साहस के परिचायक एवं झारखंड के वीर योद्धा भगवान बिरसा मुंडा के विचार युगों-युगों तक याद किए जायेंगे।
इस मौके पर आजसू हसन अंसारी, बनमाली मंडल, परवाज खान, संजय महतो, भरत काशी साहू, ज्ञान सिंहा, दयाशंकर झा, वीणा देवी, प्रभा महतो, रांची जिला सचिव सरस्वती देवी, सविता देवी, नामकुम प्रखंड कोषाध्यक्ष वीणा देवी, मोनिया देवी सहित कई नेता मौजूद थे।