रांची। न्यायायुक्त दिवाकर पांडेय की कोर्ट ने आरोपी मुकेश लाल महतो को बालात्कार केस में 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। राशि नहीं देने पर अभियुक्त को अतिरिक्त 10 महीने की सश्रम करावास होगी। दरअसल, यह मामला कांके थाना कांड संख्या 151-2014 से जुड़ा है। बता दें कि उक्त केस में आरोपी के द्वारा पीड़िता के साथ शादी का झांसा देकर 6-7 वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाने का आरोप था। बाद में वह शादी करने से मुकर गया। इनकार करने पर जबरन अभियुक्त ने पीड़िता के साथ यौन संबंध बनाया था। इस दौरान वह वर्ष 2012 और 2014 में दो बार गर्भवती भी हुई। आरोपी उसे मातृछाया अस्पताल सीएमपीडीआइ ले गया और गर्भपात भी करा दिया था। जब पीड़िता और उसके माता-पिता ने आरोपी और उसके माता-पिता पर विवाह करने के लिए बोला, लेकिन उनके द्वारा स्पष्ट रूप से विवाह करने से इनकार कर दिया गया। अभियोजन पक्ष अभियुक्त के विरूद्ध लगाये गये आरोप को साबित करने में सफल रहा। अभियुक्त के तरफ से अधिवक्ता सुजय दयाल ने पक्ष रखा। अभियोजन पक्ष के तरफ से लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने बहस की।