नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (विंडफॉल टैक्स) बढ़ा दिया है, जबकि पेट्रोल पर मौजूदा कर को बरकरार रखा है। शुल्क में यह बढ़ोतरी 16 जून से लागू हो गई है।
वित्त मंत्रालय ने सोमवार देर रात एक अधिसूचना में बताया कि 16 जून से डीजल के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क 13.50 रुपये से बढ़ाकर 14 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 9.50 रुपये से बढ़ाकर 12.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। हालांकि, पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाली शुल्क दर में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह 1.50 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है। अधिसूचना में कहा गया है कि शुल्क में बढ़ोतरी 16 जून से लागू होगी। वित्त मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने घरेलू ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
अधिसूचना के अनुसार ये दरें घरेलू बिक्री पर लागू नहीं होंगी। इसके साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र तेल एवं गैस विपणन कंपनियों के नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को किये जाने वाले निर्यात पर भी ये दरें लागू नहीं होंगी। पिछली बार 01 जून को इनमें बदलाव किए गए थे। उस समय पेट्रोल के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त शुल्क 1.50 रुपये प्रति लीटर डीजल पर तीन रुपये और एटीएफ पर 6.50 रुपये घटाये गए थे।



