रांची। गढ़वा जिले के कोरवा पंचायत में एक सरकारी स्कूल में तुष्टिकरण का मामला सामने आने पर राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने गढ़वा डीसी और एसपी को कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
मामले में भवनाथपुर विधायक भानु प्रताप शाही ने मंगलवार को अखबारों में छपी खबर के आधार पर शिक्षा मंत्री से कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह एक स्कूल का विषय मात्र नहीं है, बल्कि समाज को तोड़ने वाली शक्ति का काम है।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी समेत कई नेताओं ने सरकारी स्कूल में तुष्टिकरण के आधार पर नियम बदले जाने पर नाराजगी जतायी है। सोशल मीडिया पर रघुवर ने लिखा भी है कि राज्य में तुष्टिकरण का बीज बोया जा रहा है, यह उसी का फल है। बाबूलाल ने कहा कि सरकारी स्कूलों में ऐसा करने की छूट दी गयी तो जहां जिस धर्म, मजहब के लोग अधिक होंगे, वे अपने हिसाब से सबकुछ तय करने लगेंगे। सीएम हेमंत सोरेन से उन्होंने ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने की भी अपील की है।
उल्लेखनीय है कि उत्क्रमित मध्य विद्यालय कोरवाडीह में वर्षों से चली आ रही प्रार्थना के नियम को बदलने की मांग मुस्लिम समाज से जुड़े लोगों ने की है। स्कूल के प्रधानाध्यापक पर दबाव डालते हुए कहा कि उनकी आबादी स्थानीय स्तर पर 75 फीसदी है। ऐसे में प्रार्थना के और दूसरे नियम उनके अनुसार बनें।
इसके बाद से स्कूल में प्रार्थना के दौरान गाये जाने वाले गीत दया का दान कर विद्या का को हटा दिया गया है। इसकी जगह पर तू ही राम है, तू रहीम है शुरू कर दिया गया है। प्रार्थना के दौरान बच्चों को हाथ जोडने से भी मना कर दिया गया है। इस विवाद की जानकारी प्रधानाध्यापक युगेश राम ने स्थानीय मुखिया और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दे दी है।
सरकारी स्कूल में तुष्टिकरण मामले में शिक्षा मंत्री ने कार्रवाई का दिया निर्देश
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