आजाद सिपाही संवाददाता
नयी दिल्ली। देश के 15वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए मतदान सोमवार शाम पांच बजे समाप्त हो गया। कुल 4809 सदस्यों वाले निर्वाचक मंडल में 99.18 प्रतिशत ने वोट डाला। मुकाबला एनडीए की द्रौपदी मुर्मू और संयुक्त विपक्ष के यशवंत सिन्हा के बीच है। मतदान संसद और देश के सभी राज्यों की विधानसभाओं में हुआ। मुख्य निर्वाचन अधिकारी पीसी मोदी ने यह जानकारी दी।
द्रौपदी मुर्मू की जीत तय मानी जा रही : भाजपा ने 21 जून को द्रौपदी मुर्मू को उम्मीदवार बनाया था। तब एनडीए के खाते में पांच लाख 63 हजार 825 यानी 52 फीसदी वोट थे। 24 विपक्षी दलों के साथ होने पर सिन्हा के साथ चार लाख 80 हजार 748 यानी 44 फीसदी वोट माने जा रहे थे। बीते 27 दिन में कई गैर एनडीए दल समर्थन में आने से मुर्मू को निर्णायक बढ़त मिल गयी। निर्वाचक मंडल के सदस्यों के वोट का कुल मूल्य 10 लाख 86 हजार 431 है। इस हिसाब से द्रौपदी मूर्मू को 6.67 लाख (61 फीसदी) से अधिक वोट मिलेंगे, जबकि सिन्हा के वोट घटकर 4.19 लाख रह गये। जीत के लिए पांच लाख 40 हजार 65 वोट चाहिए।
पार्टी लाइन से अलग हटकर डाला वोट : मिली जानकारी के अनुसार, कई राज्यों में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने पार्टी लाइन से हट कर द्रौपदी मुर्मू को वोट डाला। गुजरात से लेकर यूपी और झारखंड तक में राकांपा, कांग्रेस और सपा में फूट देखने को मिली । गुजरात में एनसीपी के विधायक कांधल एस जडेजा ने पार्टी के रुख से अलग एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के समर्थन में वोट दिया। इसके अलावा झारखंड से एनसीपी विधायक कमलेश सिंह ने भी द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में वोट डाल दिया। उन्होंने मतदान के बाद कहा कि मैंने अपनी अंतरात्मा के आवाज पर द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में वोट डाला है। यूपी में अखिलेश यादव के चाचा और प्रसपा प्रमुख शिवपाल यादव ने खुलेआम द्रौपदी मुर्मू को वोट दिया, तो वहीं सपा के विधायक शहजील इस्लाम ने भी द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में मतदान किया है। ओड़िशा से कांग्रेस के विधायक मोहम्मद मुकीम ने भी एनडीए उम्मीदवार को वोट दिया। हरियाणा में कुलदीप बिश्नोई ने द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में वोटिंग की।
कोरोना संक्रमित सांसदों ने ऐसे किया मतदान : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने पीपीइ किट पहन कर संसद भवन में मतदान किया। दोनों कोरोना से संक्रमित हैं। इसलिए दोनों मंत्री पीपीइ किट पहन कर मतदान करने के लिए आये थे।
मतगणना 21 को, 25 को शपथ ग्रहण
वोटिंग के बाद सभी राज्यों से मत पेटियां दिल्ली लायी गयी हैं और 21 जुलाई को वोटों की गिनती के बाद देश के नये राष्ट्रपति की घोषणा कर दी जायेगी। वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई की मध्य रात्रि को खत्म हो रहा है। 25 जुलाई को नये राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण होगा।