धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले में एक अजीबोगरीब घटना सामने आयी। व्यक्ति की मौत हो गयी थी। मौत होने पर कब्र भी खोद दी गयी थी। अर्थी भी सजायी जा रही थी, रीति रिवाज से शव को नहलाया जा रहा था कि आचनक शव की सांसें चलने की बात सामने आ गयी। फिर क्या था, मुर्दा के जिंदा होने की बात कही जाने लगी, तो परिजनों में कौतूहल मच गया। एक आस अपने के फिर से जिंदा होने की आ गयी। इसके बाद लोकल डॉक्टरों को बुलवाया गया। लोकल डॉक्टर ने शव की जांच की तो जिंदा होने की पुष्टि कर दी।
मुर्दा जिंदा हुआ, तो जल्द ही अस्पताल ले जाने की सलाह परिजनों को दी गयी। परिजन आनन-फानन में एसएनएमएमसीएच अस्पताल लेकर पहुंच गये, लेकिन एसएनएमएमसीएच अस्पताल में डॉक्टरों ने व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। मुर्दा के जिंदा और फिर जिंदा होकर दोबारा मुर्दा होने की यह घटना धनबाद कोयलांचल में चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल सुदामडीह थाना क्षेत्र के नीचे मोहलबनी के रहने वाले सुखलाल मुंडा की मौत हो गयी थी। मौत के बाद उसके अंतिम दर्शन के लिए लोग भी पहुंच गये थे। अर्थी पर रखने से पहले से उसे नहाने की क्रिया चल रही थी।
उधर, मोहलबनी शमशान घाट में उसके शव को दफन करने के लिए कब्र भी खोदी जा चुकी थी, लेकिन अचानक से शव में जीवित व्यक्ति की तरह हरकत हुई। मुर्दा जिंदा हुआ तो स्वास्थ्य केंद्र में भी ऊहापोह की स्थिति बन गयी। किसी ने कहा कि रेफर कर देते हैं तो किसी ने कहा मौत हो चुकी है। डॉक्टरों के द्वारा किसी निजी अस्पताल में ले जाने की बात कही गयी, जिसके बाद परिजनों के द्वारा उसे एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे फिर से मृत घोषित कर दिया।
अर्थी सजते ही चलने लगी मुर्दे की सांस, श्मशान की बजाय अस्पताल पहुंचे परिजन
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