रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि कुपोषण झारखंड की बड़ी समस्या है. उन्होंने कहा कि झारखंड से कुपोषण, मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर को कम करना है. यह मीडिया, कॉर्पोरेट घरानों और सामाजिक संगठनों के सहयोग के बिना नहीं हो सकता. मुख्यमंत्री ने अपील की कि सभी जिम्मेदार लोग और संगठन सरकार की मदद करें, ताकि वर्ष 2022 तक झारखंड को गरीबी और कुपोषण से हमेशा के लिए मुक्त किया जा सके.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘आप सभी इस काम में राज्य सरकार की मदद करें. हमारा लक्ष्य है कि 2022 तक हम झारखंड से गरीबी और कुपोषण को हमेशा के लिए खत्म कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों के अनुरूप नया झारखंड बनायें. श्री दास ने कहा कि जब तक हेल्दी झारखंड नहीं होगा, तब तक समृद्ध झारखंड नहीं बनेगा. सरकार ने कुपोषण से निबटने के लिए कमर कस ली है.

उन्होंने कहा कि सरकार और कॉर्पोरेट घराने जब मिलकर काम करेंगे, तो निश्चित तौर पर झारखंड से कुपोषण और गरीबी को हम मार भगायेंगे. उन्होंने कहा, ‘मैं मीडिया और तमाम एनजीओ से अनुरोध करता हूं कि वे जनता को जागरूक करें.’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘आदिवासी क्षेत्र की महिलाएं सब्जियां उगाती तो हैं, लेकिन खाती नहीं, क्योंकि उनको नहीं पता कि सब्जियों से भी पोषण मिलता है. आपलोग हमारे गरीब, आदिवासी भाई-बहनों को इन तथ्यों से अवगत करायें.’

झारखंड में पहली बार शुरू हुए CSR (कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व) अवाॅर्ड कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में काम करने वाली कंपनियों को उनके काम के लिए सम्मानित किया. राज्य सरकार ने वर्ष 2015 में CSR काउंसिल की शुरुआत की थी. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘इन 3 सालों में हम आगे बढ़े हैं. चाहे वो खुले में शौच से मुक्त (ODF) का मामला हो, शिक्षा हो, पीने का पानी पहुंचाना हो, हर मामले में हमने प्रगति की है. सामाजिक विकास के काम प्राचीन भारत से होता आया है. इसे हमें आगे बढ़ाना है.’सीएम ने कहा कि कुपोषण झारखंड की बड़ी समस्या है. जानकारी का अभाव है. इसलिए संपदा से भरे राज्य में भी गरीबी है. इस कुपोषण से निजात पाना है. कुपोषण बीमारियां लाती है. इससे निबटने के लिए सरकार राज्य के सभी गरीबों के लिए 2 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कराने जा रही है. इसका पूरा प्रीमियम सरकार भरेगी. लाभुकों को एक पैसा नहीं देना होगा.

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