दुमका। गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे आज भी अपने बयान पर कायम हैं। झामुमो समर्थकों द्वारा पुतला दहन करने और माफी मांगने के जवाब में स्पष्ट किया है कि राजनीति और वोट के लिए उनका मुंह कभी बंद नहीं होगा। फेसबुक वॉल के माध्यम से कहा है कि मैं बुजुर्ग होने एवं आंदोलनकारी होने के नाते शिबू सोरेन का हमेशा सम्मान करता रहा हूं और करता रहूंगा, लेकिन सांसद होने के नाते मैंने गलत क्या कहा है।

उन्होंने कहा कि झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन को राजनीतिक मुख्यधारा में लानेवाले दुमका के तत्कालीन डीसी चौबे जी मेरे रिश्तेदार रहे हैं। इनका मुख्य कार्यालय भी मेरे रिश्तेदार के यहां ही चल रहा है। दुर्गा सोरेन जब बीमार थे, तो सिर्फ मैं ही खड़ा था। इसलिए राजनीति एवं वोट के लिए मेेरा मुंह बंद नहीं होगा।

गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के खिलाफ दिए गये बयान से झामुमो गुस्से में है। चक्रधरपुर विधायक शशिभूषण सामड ने कहा-गोड्डा सांसद ने जो बयान दिया है वह निंदनीय है। सांसद माफी मांगें नहीं तो उन्हें भागलपुर भगा देंगे। कहा- गुरुजी के संघर्ष से झारखंड बना है, पूरा झारखंड उन्हें गुरुजी मानता है।

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