आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। 1000 करोड़ के अधैव खनन मामले में अब नलिंबित आइएएस पूजा सिंघल के साथ कई अधकिारी ईडी की रडार पर हैं। इडी की जांच में कई नये खुलासे हुए हैं। मिले तथ्यों के आधार पर इडी अब साहिबगंज, दुमका, पाकुड़ के खनन अधिकारी, पूजा सिंघल और उसके सीए सुमन कुमार सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखलि करेगा।
आधिकारिक सूत्रों से मलिी जानकारी के अनुसार ये तीनों खनन अधिकारी 1000 करोड़ रुपये के अवैध खनन घोटाले का हिस्सा थे। इडी साहिबगंज के विवादास्पद जिला खनन अधिकारी विभूति कुमार के अलावा पाकुड़ के खनन अधिकारी प्रदीप साह और दुमका के कृष्ण चंद्र किस्कू के खिलाफ अवैध पत्थर खनन मामले में सह-आरोपी के रूप में चार्जशीट दाखिल करेगा। खनन सचिव की ओर से सुमन कुमार सिंह ने अवैध पत्थर खनन का कट मनी वसूल किया। सूत्रों के मुताबकि इडी को मलिे साक्ष्य से पता चला है क िइन खनन अधिकारियों ने मासिक आधार पर सुमन कुमार सिंह को पैसे का भुगतान किया, जो लाखों में था। कभी-कभी अतिरिक्त पैसे का भुगतान भी किया जाता था। एक और चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है क िपैसे के लेनदेन के लिए कोड वर्ड का उपयोग कयिा जाता था।
अवैध खनन सिंडिकेट को खुली छूट देने का है आरोप
विभूति कुमार पर पंकज मिश्रा के नेतृत्व वाले एक अवैध खनन सिंडिकेट को खुली छूट देने का आरोप है। बीते 25 अगस्त को ईडी और स्थानीय अधिकारियों द्वारा पांच दिनों के संयुक्त सत्यापन के दौरान अवैध खनन के तथ्य का पता चला। पंकज मिश्रा ने जहां अवैध खनन किया था, वहां कई साइटें स्थित थीं। वह तीन साल से अधिक समय से साहिबगंज में तैनात है। विभागीय सूत्रों की मानें तो वह अपनी अवधि से अधिक रुके थे, लेकिन इसके बावजूद उनका तबादला नहीं किया गया है, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
पूजा सिंघल की ओर से सुमन कुमार सिंह कर रहे थे काम
सूत्रों की मानें तो पूजा सिंघल की ओर से सुमन कुमार सिंह काम कर रहे थे। कई खनन अधिकारियों ने खुलासा किया है कि सुमन कुमार सिंह ने उनसे पैसे भी मांगे थे। उनकी मांग पूरी करने से इंकार करने के बाद उनमें से कुछ का तबादला कर दिया गया। साहिबगंज खनन अधिकारी विभूति कुमार शुरूआती दौर की जांच से ही इडी के निशाने पर रहे हैं। साहिबगंज अवैध पत्थर खनन का अड्डा बन कर उभरा है। विभूति कुमार का नाम उन एफआइआर में भी शामिल है, जिसकी इडी अवैध पत्थर खनन के तत्काल मामले में जांच कर रही है। विभूति के खिलाफ पिछले साल दिसंबर में पंकज मिश्रा और सात से आठ अन्य लोगों के साथ तालझारी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। प्राथमिकी एससी / एसटी एक्ट के अलावा आईपीसी की धारा 384 और अन्य के तहत दर्ज की गयी थी। पंकज मिश्रा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि हैं। इडी ने उन्हें अवैध खनन घोटाला मामले में गिरफ्तार कर चार्जशीट किया था।