आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। झारखंड में सियासी संकट के बीच 11 नवंबर को झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। इस दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इस विषय क्षेत्र में झारखंड में पदों और सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण वृद्धि संबंधी विधेयक को भी सदन में रखा जायेगा। इसको लेकर सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। 10 नवंबर को सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी बैठक बुलायी है, जिसमें नीति को लेकर रणनीति तय की जायेगी।

आरक्षण वृद्धि संबंधी विधेयक पर भी होगी चर्चा
जहां सदन में एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने होंगे, वहीं विशेष सत्र को लेकर विधानसभा में तैयारियां शुरू हो गयी हैं। विशेष सत्र को लेकर विधानसभा स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने कहा है कि दोनों विधेयक पर सदन में संतुलित चर्चा होगी। उसके बाद बिल पास किया जायेगा। फिर उसकी आगे की परिक्रिया होगी। सदन की कार्यवाही तय समय से शुरू होगी। पक्ष-विपक्ष दोनों इन दोनों विधेयक को लेकर अपना मत रखेंगे।

10 नवंबर को विपक्ष और सत्ता पक्ष की अलग-अलग बैठक
बता दें कि 11 नवंबर को होनेवाले इस विशेष सत्र को लेकर अभी से ही सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी दलों का मानना है कि सरकार को इतनी हड़बड़ी अचानक क्यों हो गयी है। इससे पहले स्पष्ट करना चाहिए। इन सबके बीच विशेष सत्र को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष की अलग-अलग बैठक 10 नवंबर को होगी। बीजेपी प्रदेश कार्यालय में एनडीए विधायक दल की बैठक बुलायी गयी है, जबकि सीएम आवास में यूपी विधायक दल की बैठक होगी।

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