नई दिल्ली: महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने आज स्पष्ट किया कि उच्चतम न्यायालय का फैसला लंबित होने के कारण लोढा समिति की सिफारिशों पर प्रतिक्रिया देना ‘अनुचित होगा’ लेकिन बीसीसीआई का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि बोर्ड ने देश में खेल के लिए काफी कुछ किया है। तेंदुलकर ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘‘मेरा निजी अहसास है कि जब मैं बड़ा हो रहा था तो मुझे बीसीसीआई से काफी समर्थन मिला। बीसीसीआई और मुंबई क्रिकेट संघ ने काफी शिविरों का इंतजाम किया।’’
तेंदुलकर ने कहा कि टीम के सभी 14 सदस्यों को स्कूल क्रिकेट में खेलने की स्वीकृति देने के उनके सुझाव के बाद 1800 अतिरिक्त बच्चों को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा। इस महान बल्लेबाज ने कहा, ‘‘मैंने स्कूल क्रिकेट पर एमसीए को सुझाव दिया था और उन्होंने इसे लागू किया। बीसीसीआई ने समर्थन किया और खिलाड़ियों का ख्याल रखा और हमें प्रगति करने का पर्याप्त मौका दिया। लेकिन वह यहां तक ही नहीं रूका। सभी लोग परफेक्ट नहीं होते लेकिन इन चीजों में सुधार हो सकता है।’’