पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में हुए बड़े आतंकी हमले के बाद तालिबान ने इस्लामाबाद को अफगानिस्तान की सीमा में किसी भी सैन्य कार्रवाई को लेकर चेतावनी दी है। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि अगर पाकिस्तान अफगानिस्तान की जमीन पर सैन्य कार्रवाई करता है, तो तालिबान अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा।

मुजाहिद ने अल-अरबिया इंग्लिश को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर पाकिस्तान आत्मरक्षा के अधिकार का हवाला देकर अफगानिस्तान की जमीन पर हमला करता है, तो अफगानिस्तान को भी अपनी रक्षा करने का अधिकार है। उन्होंने अफगान क्षेत्र में किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब देने की बात कही।

पाकिस्तान को तालिबान की चेतावनी के बड़े पॉइंट्स

  • तालिबान ने पाकिस्तान को अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई न करने की चेतावनी दी है।

  • जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अफगान संप्रभुता का उल्लंघन हुआ तो तालिबान अपनी जमीन की रक्षा करेगा।

  • मुजाहिद ने पाकिस्तान के Article 51 यानी आत्मरक्षा के अधिकार का हवाला देकर अफगानिस्तान में कार्रवाई करने पर सवाल उठाया।

  • पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि TTP के सदस्य अफगानिस्तान में मौजूद हैं और वहां से पाकिस्तान में हमलों की योजना बनाते हैं।

  • तालिबान इन आरोपों को खारिज करता है और कहता है कि अफगान जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ नहीं होने दिया जाता।

कोहाट आतंकी हमले के बाद बढ़ा तनाव

तालिबान की यह चेतावनी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट में हुए बड़े हमले के बाद सामने आई है। 18 सितंबर को आतंकियों ने ओल्ड पुलिस लाइंस परिसर को निशाना बनाया था। इस परिसर में जिला पुलिस मुख्यालय के अलावा काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट और स्पेशल ब्रांच समेत कई पुलिस इकाइयों के कार्यालय हैं।

19 सितंबर की रिपोर्टों के अनुसार हमले में कम-से-कम 31 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 16 पुलिसकर्मी शामिल हैं। 100 से अधिक लोग घायल बताए गए हैं। हमले के बाद परिसर में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ भी जारी रही।

अफगानिस्तान पर क्या आरोप लगा रहा है पाकिस्तान?

पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के सदस्य अफगानिस्तान में मौजूद हैं और वहां से पाकिस्तान के अंदर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बनाते हैं। इस्लामाबाद का आरोप है कि अफगान तालिबान इन समूहों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है।

वहीं, तालिबान पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करता रहा है। जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि TTP और बलूच समूहों से जुड़ी समस्याएं अफगान तालिबान के सत्ता में आने से पहले से पाकिस्तान में मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को अपनी सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का समाधान खुद करना चाहिए।

सीमा पार कार्रवाई पर आमने-सामने दोनों देश

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पार आतंकवाद को लेकर लंबे समय से आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। पाकिस्तान जहां अफगान क्षेत्र में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को अपने लिए सुरक्षा खतरा बताता है, वहीं तालिबान किसी भी सैन्य कार्रवाई को अफगान संप्रभुता का उल्लंघन मानता है।

कोहाट हमले के बाद सामने आई तालिबान की ताजा चेतावनी ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।

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