नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को यहां राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद (एनसीपीयूएल) द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘ख़ुतबात-ए-मोदी’ का विमोचन किया। यह पुस्तक वर्ष 2014 से 2025 के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किए गए स्वतंत्रता दिवस के भाषणों का उर्दू संकलन है।
इस अवसर पर प्रधान ने कहा कि लगभग छह करोड़ उर्दू भाषी भाई-बहनों के लिए प्रकाशित यह पुस्तक स्वच्छ भारत से लेकर विकसित भारत तक प्रधानमंत्री के विचारों, संकल्पों और दृष्टि को एक सूत्र में पिरोती है। यह पुस्तक देश की आशाओं, आकांक्षाओं और प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच से नागरिकों को जोड़ने का कार्य करेगी। प्रधानमंत्री के भाषणों में अंत्योदय, गरीब कल्याण, स्वच्छ भारत, उज्ज्वला योजना सहित 140 करोड़ भारतीयों के सपनों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को इस पुस्तक के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाया गया है। ऐसी पुस्तकें नागरिकों को देश के लक्ष्यों, आकांक्षाओं और प्रधानमंत्री के विजन से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनती हैं।
उन्होंने कहा कि यह पुस्तक देश के प्रत्येक पुस्तकालय तक पहुंचनी चाहिए, ताकि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को लेकर समाज में व्यापक विमर्श हो सके। प्रधान ने राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद को भारत की समृद्ध विरासत, संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जुड़े अधिक से अधिक प्रकाशन उर्दू भाषा में करने की सलाह भी दी।
‘ख़ुतबात-ए-मोदी’ जैसे सराहनीय प्रकाशन के लिए उन्होंने परिषद को बधाई दी और आशा व्यक्त की कि यह पुस्तक आम जनता, बुद्धिजीवियों और युवाओं के बीच प्रधानमंत्री के संकल्प और विचारों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगी।

