नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी सैन्य तनाव कम होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। दोनों देशों के बीच हमलों में कमी आने से निवेशकों की चिंताएं घटी हैं, जिसका सीधा असर ब्रेंट क्रूड और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड की कीमतों पर देखने को मिला। मंगलवार के कारोबार में दोनों प्रमुख बेंचमार्क सात प्रतिशत से अधिक तक टूट गए।

पिछले करीब दो सप्ताह तक दोनों देशों के बीच लगातार सैन्य कार्रवाई जारी रहने के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं। हालांकि, हालात सामान्य होने और हमलों पर विराम लगने के बाद बाजार में आपूर्ति संबंधी आशंकाएं कम हुईं, जिससे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई।

कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 7.16 प्रतिशत तक फिसलकर 91.33 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। शुरुआती कारोबार में यह 91.94 डॉलर प्रति बैरल पर खुला था, जो पिछले बंद भाव से 6.55 प्रतिशत कम था। बाद में इसमें हल्की रिकवरी भी देखने को मिली। भारतीय समयानुसार सुबह 9:15 बजे ब्रेंट क्रूड 92.67 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले स्तर से 5.80 प्रतिशत नीचे था।

इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड की कीमत भी शुरुआती कारोबार में 6.37 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84.71 डॉलर प्रति बैरल पर खुली। कुछ ही देर बाद इसमें और कमजोरी आई और यह 7.07 प्रतिशत टूटकर 84.07 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। बाद में इसमें भी मामूली सुधार दर्ज किया गया। भारतीय समयानुसार सुबह 9:15 बजे डब्ल्यूटीआई क्रूड 85.19 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव की तुलना में 5.84 प्रतिशत कम था।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिली है। यदि क्षेत्र में शांति बनी रहती है तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

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