रांची। झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में लगातार सफलताएं हासिल हो रही हैं।हाल के आंकड़े ये साबित भी कर रहे हैं। वर्ष 2018 में झारखंड पुलिस को नक्सलियों के खिलाफ काफी सफलताएं हाथ लगी हैं। इस वर्ष राज्य के अलग-अलग जगहों पर अबतक नक्सलियों के साथ पुलिस की कुल 46 मुठभेड़ हो चुकी हैं, जिसमें 26 नक्सलियों को जान गंवानी पड़ी है, जबकी 14 ने सरेंडर किया है।2018 में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान अब तक 46 बार पुलिस के साथ मुठभेड़ हो चुकी है. इस मुठभेड़ में कई कुख्यात नक्सली मारे गए, जिनमें कई इनामी नक्सली भी शामिल थे।
मुठभेड़ में जो प्रमुख नक्सली मारे गए
राधा नायक, लालू लोहरा, मनीष सोरेन, शालू बुधु
शालू बुधु की प्रेमिका रोशनी कुमारी
मैना गोप, अजीत होरो, बिरसा मुंडा, पंचम उरांव
जोहन केरकेट्टा और रामनाथ तिर्की शामिल है.
साल 2017 में भी पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए थे, जिनमें कई इनामी थे.
2018 में 14 नक्सलियों ने किया सरेंडर : साल 2018 में 25 लाख के इनामी नक्सली कमांडर बिरसाई सहित अब तक 14 नक्सली पुलिस के सामने हथियार डाल चुके हैं. वहीं साल 2017 में 47 नक्सलियों ने सरेंडर किया था।
2017 और 2018 के बीच इन नक्सलियों ने सरेंडर किया
कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन
कलेश्वर खेरवार, विशाल खेरवार
नकुल यादव, मदन यादव
मनजीत साहू, दीपक उर्फ संदीप जी
आकाश जी और कारगिल यादव शामिल है
2017 से अब तक 1000 नक्सली गिरफ्तार
झारखंड पुलिस के द्वारा नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में न सिर्फ नक्सली मारे जा रहे हैं, बल्कि वो लगातार गिरफ्तार भी हो रहे हैं. 2017 मार्च से लेकर अब तक कुल 1000 नक्सलियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इनमें कई इनामी नक्सली भी शामिल हैं.
अब पड़ोसी राज्यों के साथ चल रहा अभियान
झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियान और सुरक्षाबलों के दबिश की वजह से झारखंड के कई नक्सली झारखंड से सटे पड़ोसी राज्य का रूख कर रहे. झारखंड पुलिस अब पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर नक्सलियों के सफाए की रणनीति बना रही है और इसके लिए लगातार पड़ोसी राज्यों की पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक भी हो रही है.
सफलता जल्द हाथ लगेगी
झारखंड के डीजीपी डीके पांडे ने बताया कि नक्सलियों को घेरने के लिए पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ लगातार अभियान चलाने की कोशिश की जा रही है. इसमें सफलता जल्द हाथ लगेगी.
बड़े माओवादियों को टारगेट कर चलेगा अभियान
झारखंड में बड़े माओवादियों को टारगेट कर पुलिस और सीआरपीएफ अब टारगेट बेस्ड अभियान चलाएगी. राज्य पुलिस ने झारखंड से सटे सभी सीमावर्ती राज्यों बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल की सीमा पर सक्रिय माओवादियों की लिस्ट तैयार की है. इसी लिस्ट के आधार पर पुलिस संबंधित राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान चलाएगी.
इन नक्सलियों पर टारगेट किया जाएगा
एक करोड़ का इनामी सुधाकरण
25 लाख की इनामी अरूणा उर्फ जया, संतोष उर्फ विश्वनाथ
उमेश यादव उर्फ विमल, सौरभ यादव
रीजनल कमेटी मेंबर और 15 लाख का इनामी नवीन उर्फ संजीत यादव
जोनल कमेटी मेंबर और 10 लाख का इनामी मृत्युंजय जी
सुजाता उर्फ भवानी सेंट्रल कमेटी मेंबर व एक करोड़ का इनामी असीम मंडल
रीजनल कमांडर व 15 लाख का इनामी मदन महतो, राम प्रकाश मार्डी
एक करोड़ का इनामी प्रशांत बोस, मिसिर बेसरा
25 लाख का इनामी सैक सदस्य अनमोल दा, चमन उर्फ लंबू
रीजनल कमांडर व 15 लाख का इनामी मोछू उर्फ मेहनत
गुलशन सिंह मुंडा, जीवन कंडुलना
बिहार सीमा- सेंट्रल कमेटी मेंबर व एक करोड़ का इनामी प्रयाग मांझी उर्फ विवेक
सैक सदस्य व 25 लाख का इनामी उमेश यादव, सौरभ यादव, प्रद्युम्न शर्मा
संदीप यादव, अजीत उरांव, अरूण उर्फ गौतम पासवान सहदेव सोरेन
करूणा, जया उर्फ चिंता और बलबीर महतो शामिल है
नई सरेंडर पॉलिसी से आत्मसमर्पण की संख्या बढ़ेगी
झारखंड में नई सरेंडर पॉलिसी लागू होने के बाद अब भाकपा माओवादियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है. पुरानी समर्पण नीति के तहत 175 माओवादियों ने सरेंडर किया था. समर्पण कर चुके माओवादियों से किए वादे को जल्द से जल्द निभाने की कोशिश भी झारखंड पुलिस करेगी.
नई सरेंडर पॉलिसी आकर्षक
झारखंड पुलिस के प्रवक्ता आईजी आशीष बत्रा ने बताया कि झारखंड सरकार की नई सरेंडर पॉलिसी काफी आकर्षक है. इससे प्रभावित होकर इस साल नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संख्या और बढ़ेगी.