आजाद सिपाही संवाददाता
कतरास/महुदा। धनबाद के बाघमारा इलाके में सीआइएसएफ के जवानों की गोली से हुई चार लोगों की मौत सवालों के घेरे में है। घटना की मजिस्ट्रेट स्तर की जांच शुरू हो गयी है। डीसी संदीप कुमार ने जांच के आदेश जारी कर दिये हैं। इन चार लोगों की मौत को लेकर कई सवाल हैं, जिनके जवाब की तलाश होगी।
मजबूर हैं ग्रामीण, माफिया चला रहे हैं काला कारोबार
चार ग्रामीणों की मौत के पीछे सिर्फ सीआइएसएफ की गोली नहीं है। कोयले के अवैध खनन को हवा देने के लिए कई माफिया इन ग्रामीणों का इस्तेमाल करते हैं। बीसीसीएल का मुख्य रूप से पांच इलाका ऐसा है, जहां कोयला तस्करों की नजर है और यहां से कोयले की अवैध तस्करी होती है। इनमें मुख्य रूप से ब्लॉक टू के साथ-साथ कुसुंडा, बस्ताकोला और कतरास भी शामिल है। सुरक्षा के लिए बीसीसीएल प्रबंधन हर साल करोड़ों रुपये खर्च करता है। कई तरह के निगरानी उपकरण लगाये गये हैं। सीआइएसएफ जवानों पर भी खुद को बेदाग साबित करने का दबाव है, तो दूसरी तरफ मारे गये लोगों के परिजन जांच की मांग पर अड़े हैं।
छह महीने पहले ही हुआ था तबादला
छह महीने पहले ही बीसीसीएल यूनिट में पदस्थापित सीआइएसएफ के पुराने जवानों का तबादला हुआ। ऐसे में तस्करों से निपटने के लिए अपनाये गये इनके तरीके पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी है। सीआइएसएफ जवान को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
घटना की जांच शुरू, हो रही है पूछताछ
घटना की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो चुकी है। नंदकिशोर गुप्ता की अगुवाई में दो सदस्यीय कमेटी बनायी गयी है। कमेटी में एसडीओ प्रेमकुमार तिवारी को भी शामिल किया गया है। जांच के बाद इस घटना की प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जानी है। डीसी ने बताया कि टीम से इस मामले की जांच के बाद जल्द से जल्द रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया गया है। इस मामले में टीम पूछताछ करने लगी है।
गलती से चली गोली
सीआइएसएफ के डीआइजी विनय काजला ने घटना के संबंध में बताया कि कोयला चोरी करने आये बाइक सवार लोग उग्र हो गये। सीआइएसएफ जवानों से वे हथियार छीन रहे थे। राइफल छीना-झपटी में गोली चली और तस्करों को लग गयी। सीआईएसएफ ने दावा किया कि मारे गये लोग कोयला तस्करी के लिए पहुंचे थे। मामले में सीआइएसएफ की ओर से एक सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करायी गयी है।